फसल में नुकसान हुआ तो 72 घंटे में देनी होगी सूचना, किसानों के लिए जरूरी अलर्ट
राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों के लिए जरूरी जानकारी सामने आई है। प्राकृतिक आपदा या अधिसूचित जोखिम से फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसान को निर्धारित समय सीमा में इसकी सूचना देना जरूरी है।
72 घंटे के भीतर सूचना देना जरूरी
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित फसल को प्राकृतिक आपदा अथवा योजना में शामिल जोखिमों से नुकसान होने पर किसान को फसल क्षति की जानकारी समय पर संबंधित स्तर पर देनी होती है।स्थानीय स्तर पर हुई आपदा के साथ-साथ फसल कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए रखी गई फसल को नुकसान होने की स्थिति में घटना के 72 घंटे के भीतर सूचना देना आवश्यक बताया गया है।
किन परिस्थितियों में मिल सकता है बीमा कवच?
राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार फसल कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए काटकर रखी गई बीमित फसल को प्राकृतिक वर्षा, चक्रवात, चक्रवाती बारिश और ओलावृष्टि जैसी परिस्थितियों से व्यक्तिगत स्तर पर हुए नुकसान को निर्धारित प्रावधानों के तहत फसल बीमा कवरेज में शामिल किया गया है। किसान को नुकसान की सूचना देते समय बीमित फसल, सर्वे नंबर और प्रभावित क्षेत्रफल जैसी आवश्यक जानकारी उपलब्ध रखनी चाहिए, ताकि नुकसान के आकलन की प्रक्रिया में सुविधा हो।
कृषि रक्षक पोर्टल पर भी कर सकते हैं शिकायत
फसल नुकसान की सूचना और शिकायत दर्ज कराने के लिए किसानों को कृषि रक्षक पोर्टल की सुविधा उपलब्ध है।
हेल्पलाइन नंबर: 14447
व्हाट्सऐप चैटबॉट नंबर: 7065514447
आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी किसान फसल नुकसान से संबंधित जानकारी और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया देख सकते हैं।
समय पर सूचना क्यों जरूरी?
फसल नुकसान की जानकारी निर्धारित समय में मिलने के बाद संबंधित स्तर पर नुकसान के आकलन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसलिए किसानों के लिए जरूरी है कि प्राकृतिक आपदा या अन्य अधिसूचित जोखिम से फसल प्रभावित होने पर सूचना देने में देरी न करें।
किसान अपने पास फसल नुकसान से संबंधित फोटो, बीमा पॉलिसी/बीमा संबंधी दस्तावेज और आवश्यक भूमि संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें।
✍️ रिपोर्ट/लेखक: रमेश सिंह
राजस्थान वाणी | गाँव से शहर तक
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