जोधपुर। 19/09/2026,रमेश सिंह (प्रधान संपादक)
AIIMS Jodhpur के स्थापना दिवस कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने संस्थान के आगामी 10 वर्षों के विकास को लेकर व्यापक विजन पर जोर दिया। उन्होंने विश्वस्तरीय रिसर्च, आधुनिक तकनीक, डिजिटल हेल्थकेयर और मरीजों के अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं को संस्थान के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
मुख्य सचिव ने कहा कि देश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार के साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेषज्ञ सेवाओं और तकनीकी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने AIIMS Jodhpur में मजबूत टीम, समय पर भर्ती, बेहतर खरीद व्यवस्था और डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ के लिए गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं की जरूरत पर भी जोर दिया।
AI और डिजिटल तकनीक की बढ़ेगी भूमिका
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में Artificial Intelligence, डिजिटल थैरेप्यूटिक्स और रिमोट पेशेंट मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही OPD व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, मेडिकल रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने और मल्टीडिसिप्लिनरी केयर के विस्तार पर भी जोर दिया गया।
AIIMS Jodhpur में वर्तमान में करीब 1,000 अस्पताल बेड हैं। संस्थान में प्रतिदिन लगभग 6,000 OPD मरीज पहुंचते हैं, जबकि प्रतिदिन 250 से अधिक इमरजेंसी एडमिशन भी होते हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में राजस्थान की नई दिशा
मुख्य सचिव ने राजस्थान में चल रहे प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए नागरिक-केंद्रित सेवाओं, तकनीक आधारित शिकायत निवारण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और महिला आर्थिक सशक्तिकरण को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में बेहतर प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।
देश में मेडिकल शिक्षा का विस्तार
कार्यक्रम में बताया गया कि देश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या वर्ष 2014 के 181 से बढ़कर 2026 में 441 हो गई है। कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या 823 तक पहुंच गई है। इसी अवधि में MBBS सीटों की संख्या 51,348 से बढ़कर 1,36,939 और पोस्ट ग्रेजुएट सीटें 31,185 से बढ़कर 86,360 हो गई हैं।
राजस्थान वाणी | गाँव से शहर तक
एक टिप्पणी भेजें