डीग! 16/09/2026 ग्यानेन्द्र सिंह
WhatsApp आज सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है। इसमें लोगों की निजी चैट्स, फोटो, दस्तावेज, ओटीपी और कई महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद रहती हैं। ऐसे में साइबर अपराधी WhatsApp अकाउंट पर अनधिकृत नियंत्रण हासिल कर ठगी, फर्जी पहचान और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।
इसी को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा R4C ने आमजन के लिए WhatsApp अकाउंट और चैट्स की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने WhatsApp की सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करने और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
राजस्थान पुलिस के अनुसार, WhatsApp के मैसेज और कॉल डिफॉल्ट रूप से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं, लेकिन गलत सेटिंग, अनधिकृत एक्सेस या यूजर की लापरवाही से निजी डेटा जोखिम में पड़ सकता है।
राजस्थान पुलिस के 7 जरूरी WhatsApp सेफ्टी टिप्स
1. टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर करें ऑन
WhatsApp की Settings > Account > Two-Step Verification में जाकर 6 अंकों का PIN सेट करें और रिकवरी ईमेल जोड़ें। रजिस्ट्रेशन कोड या PIN किसी के साथ साझा न करें। डिवाइस में सुविधा उपलब्ध होने पर पासकी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
2. Linked Devices की नियमित जांच करें
WhatsApp की Linked Devices सेटिंग में समय-समय पर देखें कि आपका अकाउंट किन कंप्यूटर, लैपटॉप या अन्य डिवाइस से जुड़ा है। किसी पुराने या संदिग्ध डिवाइस को तुरंत लॉग आउट करें।
पुलिस के अनुसार, लिंक्ड लैपटॉप या डेस्कटॉप में ट्रोजन हॉर्स और मैलवेयर के जरिए WhatsApp या QR कोड तक अनधिकृत पहुंच का प्रयास किया जा सकता है।
3. संवेदनशील चैट्स को करें लॉक
महत्वपूर्ण या संवेदनशील चैट्स के लिए Chat Lock का इस्तेमाल करें। इन्हें फिंगरप्रिंट या Face ID से सुरक्षित किया जा सकता है। WhatsApp ऐप के लिए भी बायोमेट्रिक ऐप लॉक सक्रिय रखने की सलाह दी गई है।
4. Privacy Settings को रखें नियंत्रित
Profile Photo, About, Last Seen/Online और Status जैसी जानकारियों को जरूरत के अनुसार My Contacts तक सीमित रखें।
इसके अलावा, WhatsApp ग्रुप में कौन आपको जोड़ सकता है, इसकी सेटिंग भी My Contacts या My Contacts Except के अनुसार निर्धारित करें। समय-समय पर Privacy Checkup का इस्तेमाल करें।
5. Chat Backup को भी रखें सुरक्षित
WhatsApp में Settings > Chats > Chat Backup पर जाकर End-to-End Encrypted Backup सक्रिय करें। इसे पासवर्ड या 64 अंकों की एन्क्रिप्शन की से सुरक्षित किया जा सकता है।
6. संवेदनशील चैट्स में Advanced Chat Privacy ऑन करें
महत्वपूर्ण चैट्स और ग्रुप्स के लिए Advanced Chat Privacy सुविधा को सक्रिय रखने की सलाह दी गई है। इससे चैट एक्सपोर्ट, ऑटोमैटिक मीडिया सेविंग और Meta AI फीचर्स के लिए मैसेज के उपयोग से जुड़े सुरक्षा नियंत्रण बढ़ते हैं।
7. अनजान कॉल और फर्जी ऐप्स से रहें सावधान
स्पैम और फ्रॉड कॉल्स से बचने के लिए Silence Unknown Callers सुविधा ऑन रखें। कॉल के दौरान IP एड्रेस को छिपाने के लिए Protect IP Address in Calls विकल्प को भी सक्रिय रखने की सलाह दी गई है।
राजस्थान पुलिस ने लोगों को केवल ऑफिशियल WhatsApp ऐप इस्तेमाल करने की सलाह दी है। GB WhatsApp जैसे मॉडिफाइड या क्लोन ऐप से बचने को कहा गया है, क्योंकि ऐसे ऐप सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि WhatsApp अकाउंट में संदिग्ध गतिविधि, अनधिकृत एक्सेस या साइबर ठगी की घटना सामने आती है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन को सूचना दें।
साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।
राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क:
📞 9256001930
📞 9257510100
जरूरी बात
WhatsApp पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक, QR कोड, OTP या वेरिफिकेशन कोड को बिना जांचे साझा न करें। अपने अकाउंट की सुरक्षा सेटिंग्स की नियमित जांच करते रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें।
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